छोटे निर्यातक तीन पोर्टल नहीं, रिफ़ंड के लिए एक खिड़की चाहते हैं
तिरुप्पुर और मुरादाबाद के मालिक अलग-अलग लॉगिन के पीछे वही इंतज़ार बताते हैं।
छोटे निर्यातकों के रिफ़ंड दावे अब भी टैक्स, कस्टम और बैंक पोर्टल के बीच कूदते हैं। मालिक कहते हैं पैसा असली है, इंतज़ार ही लागत है।
एक स्टेटस पेज रिफ़ंड नहीं बढ़ाएगा। वह तिरुप्पुर की वर्कशॉप को बताएगा कि फ़ाइल अटकी है, खारिज हुई है, या अभी पढ़ी ही नहीं गई।
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